Rewa news: रीवा जिले में कांग्रेस के छात्र संगठन भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के भीतर अंदरूनी कलह और गुटबाजी अब सार्वजनिक रूप से सामने आ गई है। संगठन के जिला उपाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने जिला नेतृत्व पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और लेन-देन के आरोप लगाते हुए अन्य पदाधिकारियों के साथ सामूहिक रूप से पदों से हटने का ऐलान किया है। इस अचानक सामने आए घटनाक्रम से कांग्रेस और छात्र संगठन के शीर्ष गलियारों में हड़कंप मच गया है।
विश्वविद्यालय आंदोलन के पीछे लेन-देन का खेल!
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिला उपाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि अवधेश प्रताप सिंह (APS) विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति के खिलाफ NSUI द्वारा चलाया जा रहा धरना-प्रदर्शन छात्र हित के लिए नहीं है। उन्होंने दावा किया कि विश्वविद्यालय प्रबंधन से पैसों के लेन-देन को लेकर बात न बनने के कारण यह विरोध प्रदर्शन खड़ा किया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि NSUI की विचारधारा हमेशा छात्रों के अधिकारों के लिए लड़ने की रही है, लेकिन निजी स्वार्थों और लेन-देन के लिए संगठन की साख से खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शीर्ष नेतृत्व को सौंपे साक्ष्य, निष्पक्ष जांच की मांग
उपाध्यक्ष ने बताया कि इस पूरे मामले के पुख्ता साक्ष्य और दस्तावेज यूथ कांग्रेस एवं NSUI के शीर्ष नेतृत्व को जांच के लिए सौंप दिए गए हैं। जब तक संगठन का केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व इस मामले की निष्पक्ष जांच कर स्थिति स्पष्ट नहीं करता, तब तक वे और उनके साथी अपने-अपने दायित्वों और पदों से मुक्त रहेंगे।
प्रमाण सार्वजनिक करने पर मीडिया से चर्चा
पत्रकारों द्वारा साक्ष्यों को तुरंत सार्वजनिक करने के सवाल पर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि संगठन की आंतरिक मर्यादा के तहत सबूत शीर्ष नेतृत्व को दिए गए हैं। जैसे ही वरिष्ठ नेताओं की ओर से जांच रिपोर्ट सामने आएगी, वे सभी साक्ष्य मीडिया और जनता के सामने रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
जिलाध्यक्ष की चुप्पी बरकरार
दूसरी ओर, उपाध्यक्ष द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर फिलहाल NSUI के जिलाध्यक्ष या संगठन के किसी अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अब सभी की निगाहें कांग्रेस और NSUI के शीर्ष नेतृत्व पर टिकी हैं कि वे इस बगावत और आरोपों पर क्या कदम उठाते हैं।